कछुआ अंगूठी  कब और किस उंगली में पहने | कछुआ  अंगूठी पहनने की विधि और लाभ :

dosto aaj kal sabhi log kisi na kisi wajah se परेशान  rahte hai, to wo kisi bhi तरीके का इस्तेमाल  karne lagte hai.bina ye jane ki jis tarike ka wo estemal

kar rhe hai wo sahi hai ya galat. dosto esi tarah aaj kal कछुऐ की अंगूठी   पहनने ka fashion ho gya hai, log bina कछुआ अंगूठी ke bare me jane hi use पहनने lage hai.

esiliye dosto aaj hum esi topic ko lekar aye hai, aaj ka topic hai"कछुआ अंगूठी  कब और किस उंगली में पहने | कछुआ  अंगूठी पहनने की विधि और लाभ"


dosto कछुआ अंगूठी  kai tarah ke design me mil jata hai, kuch log कछुआ अंगूठी सोने में पहनते है तो कुछ लोग चाँदी में , par hum aap ko yahi  सलाह देंगे  ki aap कछुआ अंगूठी  पहनने ke pahle kisi

ज्योतिषी  se jarur puch le. dosto कछुआ भगवान विष्णु के अवतारों में से एक है  esiliye es ko kafi शुभ bhi mana jata hai. esa mana jata hai ki es ko पहनने  se aap ke paas paiso ki 

 कमी नहीं होगी .

कछुआ अंगूठी  कब और किस उंगली में पहने
कछुआ अंगूठी  कब और किस उंगली में पहने


 कछुआ की अंगूठी क्यों पहनी जाती है :

कछुआ भगवान विष्णु के अवतारों में से एक है hai esiliye kafi  शुभ bhi mana jata hai, kyoki कछुआ समुंद्र में पाया जाता है और लष्मी जी भी  समुंद्र se nikli hai esliye mana jata hai ki jo bhi कछुआ अंगूठी

पहनता  hai us ke paas kabhi bhi paiso ki कमी नहीं होती है।  dosto vaasti sastra me bhi bahut  महत्वा  hai. dosto agar ye  अंगूठी  aap ke liye sahi hai matlb aap ki  राशि के हिसाब 

se acha hai to aap ko paiso ki kami nhi hone dega, agar nhi hai to aap ko नुकसान भी पहुंचा सकता है।  dosto agar aap कछुआ अंगूठी   पहनते है।  to aap ko kuch  बातो का ध्यान  dena 

chahiye, jaise ki jab bhi aap कछुआ अंगूठी pahne to us ka  मुँह  aap ki taraf hi honi chahiye जिससे की धन आप को ओर आये . dosto aap ko ek aur baat ka ध्यान rakhna chahiye 

ki aap ko कछुआ अंगूठी hamesa तर्जनी ऊँगली में पहनना चाहिए।   dosto jo bhi कछुवे की अंगूठी पहनता है  us ke jeevan me kabhi bhi पैसे या किसी और चीज़ को ले कर परेसानी नहीं होती है।

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 कछुआ अंगूठी पहनने के लाभ :

dosto  कछुआ अंगूठी पहनने se jeevan me सुख और शांति  bani rahti hai, dosto ye aap ke bhi  गुस्से को शांत rakhta hai aur aap ki सोचने और समझने की छमता  me  वृद्धि करता है।  ye aap ke 

धन में भी वृद्धि करता है।  kyo ki कछुआ समुंद्र में पाया जाता है और लष्मी जी भी समुंद्र  se hi nikli hai, dono ki उत्पति  ek hi jagah se hui hai.कछुआ आप के व्यक्तित्वा पर भी प्रभाव डालता है आप पहले से ज्यादा गंभीर और अंतर्मुखी हो जाते है।  


 कछुआ अंगूठी किस दिन पहने :

dosto agar aap log   कछुऐ की अंगूठी   पहनना  hi chahte hai to aap ko ese चाँदी me hi पहनना chahiye,aur agar aap ese kisi dusari  धातु  me  पहन रहे है  to aap ko ese apne 

राशि रतन  me जड़वा कर पहनना चाहिए।   dosto es अंगूठी   ko pahante samay es baat ka dhyan rakhna hai ki कछुवे का मुँह आप की तरफ  hona chahiye. agar कछुवे का मुँह आप की तरफ   nhi hoga to 

aap ke paas  धन नहीं आएगा।  कछुआ अंगूठी aap ko पूर्णिमा  ke din पहनना चाहिए।  

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 कछुआ की अंगूठी कैसी बनवाये :

dosto agar aap log  कछुआ की अंगूठी banwa rhe ho to aap ko kuch baato ka dhyan jarur rakhna chahiye jaise ki  कछुआ की अंगूठी hamesa चाँदी में बनवाये aur कछुआ की पीठ पर श्री लिखा हो। 

 श्री es tarah likha hona chahiye ki eski “ईं” ki मात्रा  bahar ki taraf yani ki aap ki ऊँगली की तरफ  honi chahiye aur  “श्र” aap ki taraf hona chahiye.

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कछुआ अंगूठी पहनने की विधि क्या है :

aap kisi bhi पूर्णिमा को यह अंगूठी पहन सकते है।  es ke liye app गाय का दूध , दही , शहद , तुलसी , और गंगा जल से पंचामृत बना लीजिये।  aur phir us ke baad भगवान विष्णु और माता लष्मी के सामने घी का दिया जलाये  aur es 

मंत्र की एक माला करे . "ओम भगवते कुर्मायै ह्रीं नमः"

dosto ye karne ke baad aap ko माता लष्मी  ki bhi puja karni hai es ke liye aap ko ek अंगूठी को एक प्लेट में रख के पंचामृत डाल के इस मंत्र का १०८ बार जप करना है "ओम श्रीं श्रीं कमले कमलायै प्रसीद प्रसीद श्रीं महालक्ष्मी नमो नमः"

us ke baad aap es अंगूठी ko गंगा जल से dho ke pahan sakte hai.

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कछुआ अंगूठी किन राशि के लोगो को नहीं पहनना चाहिए :

ज्योतिष शास्त्र ke anusar कर्क , वृश्चिक , मीन के लोगो को कछुआ अंगूठी नहीं पहननी  chahiye. en logo ke कछुआ अंगूठी  se उन के जीवन में विपरीत प्रभाव पड़ता है।  


निष्कर्ष.

कछुआ अंगूठी  कब और किस उंगली में पहने | कछुआ  अंगूठी पहनने की विधि और लाभ:

dosto aaj hum ne aap logo ko कछुआ अंगूठी  ki puri jankari de di hai, ki कछुआ अंगूठी  कब और किस उंगली में पहने , कछुआ  अंगूठी पहनने की विधि और लाभ kya hai, aur  कछुआ की अंगूठी क्यों पहनी जाती है sabhi

kuch, dosto  हम उम्मीद करते है की आप को सभी  जानकारी मील गयी होगी . dosto agar aap logo ko hamara aaj ka article pasand aya ho to please ese social media jaise ki facebook aur

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FAQs:

Q:कछुए की अंगूठी कौन सी राशि वाले पहन सकते हैं?

ANS:ज्योतिष शास्त्र ke anusar कर्क , वृश्चिक , मीन के लोगो को कछुआ अंगूठी नहीं पहननी  chahiye. en logo ke कछुआ अंगूठी  se उन के जीवन में विपरीत प्रभाव पड़ता है।  


Q:कछुए का मुंह किधर होना चाहिए?

ANS:dosto es अंगूठी   ko pahante samay es baat ka dhyan rakhna hai ki कछुवे का मुँह आप की तरफ  hona chahiye.


Q:कछुआ अंगूठी कौन सी उंगली में पहनना चाहिए?

ANS:कछुआ अंगूठी hamesa तर्जनी ऊँगली में पहनना चाहिए। 


Q:कछुआ रिंग किस दिन पहने?

ANS:कछुआ अंगूठी aap ko पूर्णिमा  ke din पहनना चाहिए।


Q: कछुआ अंगूठी पहनने के लाभ?

ANS:dosto  कछुआ अंगूठी पहनने se jeevan me सुख और शांति  bani rahti hai:


Q:कछुआ अंगूठी पहनने की विधि क्या है?

ANS:aap kisi bhi पूर्णिमा को यह अंगूठी पहन सकते है।  es ke liye app गाय का दूध , दही , शहद , तुलसी , और गंगा जल से पंचामृत बना लीजिये।  aur phir us ke baad भगवान विष्णु और माता लष्मी के सामने घी का दिया जलाये  aur es 

मंत्र की एक माला करे . "ओम भगवते कुर्मायै ह्रीं नमः"